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Class 10: 40 प्रश्न उपलब्ध हैं।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 1: संचार कौशल · 5 अंक
प्रश्न 1. संचार किसे कहते हैं इसके तत्वों को समझाइये?
उत्तर:
संचार (Communication) वह प्रक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक व्यक्ति अपने विचारों, सूचनाओं, भावनाओं और संदेशों का आदान-प्रदान करते हैं।
संचार के प्रमुख तत्व:
1. प्रेषक (Sender): संदेश भेजने वाला व्यक्ति।
2. संदेश (Message): भेजी जाने वाली सूचना या विचार।
3. माध्यम (Channel): संदेश पहुँचाने का साधन, जैसे फोन, ईमेल या बातचीत।
4. प्राप्तकर्ता (Receiver): संदेश प्राप्त करने वाला व्यक्ति।
5. प्रतिक्रिया (Feedback): संदेश मिलने के बाद दिया गया उत्तर।
उदाहरण: शिक्षक द्वारा विद्यार्थियों को पाठ समझाना तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रश्न पूछना संचार है।
निष्कर्ष: प्रभावी संचार से जानकारी स्पष्ट होती है, आपसी समझ बढ़ती है और कार्य आसानी से पूरे होते हैं।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 2: Self-Management Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 1. तीन प्रमुख स्व-प्रबंधन कौशल लिखिए।
उत्तर:
स्व-जागरूकता (Self-awareness): अपनी क्षमताओं और कमियों को पहचानना।
स्व-प्रेरणा (Self-motivation): बिना बाहरी दबाव के लक्ष्य पाने का प्रयास करना।
समय प्रबंधन (Time Management): कार्यों की प्राथमिकता तय करके समय पर पूरा करना।
उदाहरण: विद्यार्थी पढ़ाई की समय-सारणी बनाकर उसका पालन करता है।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 2: Self-Management Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 2. ताकत और कमजोरी में तीन अंतर लिखिए।
उत्तर:
1. ताकत (Strength) वह गुण है जिसमें व्यक्ति अच्छा प्रदर्शन करता है; कमजोरी (Weakness) वह क्षेत्र है जिसमें सुधार चाहिए।
2. ताकत आत्मविश्वास बढ़ाती है; कमजोरी पहचानने से सीखने का अवसर मिलता है।
3. ताकत का उपयोग लक्ष्य प्राप्त करने में होता है; कमजोरी दूर करने के लिए अभ्यास और मार्गदर्शन जरूरी है।
उदाहरण: अच्छी टाइपिंग ताकत और धीमी टाइपिंग कमजोरी हो सकती है।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 2: Self-Management Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 3. आत्मविश्वासी व्यक्ति की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
आत्मविश्वासी व्यक्ति अपनी क्षमताओं पर विश्वास करता है। वह कठिन कार्यों से घबराने के बजाय तैयारी करता है। असफलता से सीखता है और सकारात्मक सोच रखता है। अपने निर्णयों की जिम्मेदारी लेता है तथा लक्ष्य पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करता है। उदाहरण: छात्र अभ्यास करके कक्षा में प्रस्तुति देता है।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 2: Self-Management Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 4. आत्मविश्वास को प्रभावित करने वाले कारक लिखिए।
उत्तर:
1. सामाजिक कारक: परिवार, मित्र और शिक्षक का सहयोग या आलोचना।
2. सांस्कृतिक कारक: समाज की मान्यताएँ और अपेक्षाएँ।
3. शारीरिक कारक: स्वास्थ्य, व्यक्तित्व और अपनी शारीरिक छवि के प्रति दृष्टिकोण।
इनके अतिरिक्त तैयारी, अनुभव और सफलता-असफलता भी आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 2: Self-Management Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 5. आत्मविश्वास कम होने के कारण लिखिए।
उत्तर:
आत्मविश्वास कम होने के प्रमुख कारण हैं—नकारात्मक सोच, असफलता का डर, दूसरों से लगातार तुलना, बार-बार मिलने वाली आलोचना और पर्याप्त तैयारी का अभाव। इसे बढ़ाने के लिए छोटे लक्ष्य बनाएँ, नियमित अभ्यास करें और अपनी प्रगति पर ध्यान दें।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 2: Self-Management Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 6. सकारात्मक सोच क्या है? इसके लाभ लिखिए।
उत्तर:
सकारात्मक सोच (Positive Thinking) का अर्थ है कठिन परिस्थितियों में भी समाधान और सुधार की संभावना पर ध्यान देना। इसके लाभ हैं—आत्मविश्वास बढ़ना, तनाव का बेहतर प्रबंधन, समस्याओं का समाधान खोजने में मदद और लक्ष्य के प्रति प्रेरणा बनाए रखना। उदाहरण: कम अंक आने पर हार मानने के बजाय अभ्यास बढ़ाना।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 2: Self-Management Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 7. व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के तीन उपाय लिखिए।
उत्तर:
1. प्रतिदिन स्नान करें, हाथ धोएँ और दाँत साफ करें।
2. साफ कपड़े पहनें तथा बाल और नाखून व्यवस्थित रखें।
3. भोजन और पानी की स्वच्छता का ध्यान रखें तथा अस्वच्छ आदतों से बचें।
व्यक्तिगत स्वच्छता स्वास्थ्य और आत्मविश्वास दोनों के लिए आवश्यक है।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 5: Green Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 1. ऊर्जा के पाँच स्रोत लिखिए और प्रत्येक के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
1. सौर ऊर्जा: सोलर पैनल, सोलर कुकर।
2. पवन ऊर्जा: पवन चक्की, पवन विद्युत संयंत्र।
3. जल ऊर्जा: जलविद्युत बाँध, सूक्ष्म जलविद्युत परियोजना।
4. जैव ऊर्जा: बायोगैस, बायोमास से बिजली।
5. जीवाश्म ईंधन: कोयला, पेट्रोलियम।
पहले चार स्रोतों में कई नवीकरणीय विकल्प शामिल हैं, जबकि जीवाश्म ईंधन अनवीकरणीय हैं।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 5: Green Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 2. नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधनों में अंतर लिखिए।
उत्तर:
नवीकरणीय संसाधन (Renewable Resources) प्राकृतिक प्रक्रियाओं से अपेक्षाकृत कम समय में फिर उपलब्ध हो सकते हैं, जैसे सूर्य का प्रकाश और हवा। अनवीकरणीय संसाधन (Non-renewable Resources) सीमित मात्रा में उपलब्ध होते हैं और बनने में बहुत लंबा समय लेते हैं, जैसे कोयला और पेट्रोलियम। नवीकरणीय स्रोतों का विवेकपूर्ण उपयोग दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा में मदद करता है।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 5: Green Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 3. प्रदूषण क्या है? इसके प्रमुख प्रकार लिखिए।
उत्तर:
पर्यावरण में हानिकारक पदार्थों या ऊर्जा के बढ़ने से होने वाले अवांछित परिवर्तन को प्रदूषण कहते हैं। प्रमुख प्रकार हैं—वायु प्रदूषण (धुआँ और गैसें), जल प्रदूषण (गंदा पानी और रसायन), मृदा प्रदूषण (कचरा और रसायन) तथा ध्वनि प्रदूषण (अत्यधिक शोर)। प्रदूषण स्वास्थ्य और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 5: Green Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 4. ऊर्जा संरक्षण क्या है? इसके उपाय लिखिए।
उत्तर:
ऊर्जा संरक्षण का अर्थ है ऊर्जा का अनावश्यक उपयोग रोककर उसे कुशलतापूर्वक इस्तेमाल करना। उपाय: उपयोग न होने पर पंखे और लाइट बंद करना, LED बल्ब व ऊर्जा-कुशल उपकरण अपनाना, प्राकृतिक रोशनी का उपयोग करना और जहाँ संभव हो सार्वजनिक परिवहन चुनना। इससे ऊर्जा की बचत तथा प्रदूषण में कमी होती है।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 5: Green Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 5. जल संरक्षण के तीन उपाय लिखिए।
उत्तर:
1. वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) करके पानी जमा करना।
2. नल खुला न छोड़ना और रिसाव तुरंत ठीक करना।
3. उपयुक्त कार्यों में इस्तेमाल किए गए पानी का पुनः उपयोग करना, जैसे पौधों की सिंचाई।
जल संरक्षण से भविष्य के लिए पानी उपलब्ध रखने में मदद मिलती है।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 5: Green Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 6. मृदा संरक्षण के तीन उपाय लिखिए।
उत्तर:
1. वृक्षारोपण: पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बहने से रोकती हैं।
2. सीढ़ीदार खेती: ढलान पर पानी के तेज बहाव और मिट्टी के कटाव को कम करती है।
3. फसल चक्र: अलग-अलग फसलें उगाकर मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलती है।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 5: Green Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 7. ऊर्जा बचाने के तीन तरीके लिखिए।
उत्तर:
1. जरूरत न होने पर बिजली के उपकरण बंद करें।
2. LED बल्ब और ऊर्जा-कुशल उपकरणों का उपयोग करें।
3. निजी वाहन के स्थान पर पैदल चलें, साइकिल या सार्वजनिक परिवहन अपनाएँ जहाँ संभव हो।
इन उपायों से ऊर्जा खर्च और पर्यावरणीय प्रभाव कम होता है।
रोजगार कौशल (भाग-A) · Unit 5: Green Skills-II · 3 अंक
प्रश्न 8. ग्रीन जॉब्स क्या हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
ग्रीन जॉब्स (Green Jobs) वे रोजगार हैं जो पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के कुशल उपयोग और प्रदूषण कम करने में योगदान देते हैं। उदाहरण: सोलर पैनल तकनीशियन, जैविक खेती करने वाला किसान और कचरा प्रबंधन कर्मचारी। ये रोजगार पर्यावरण की रक्षा के साथ आजीविका के अवसर भी प्रदान करते हैं।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 1: डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन (उन्नत) · 3 अंक
प्रश्न 1. LibreOffice Writer में Style क्या है?
उत्तर:
Style पहले से निर्धारित Formatting का समूह है, जिसे Text, Paragraph, Page या List पर एक साथ लागू किया जाता है।
1. Paragraph Style: Heading, Alignment और Spacing निर्धारित करता है।
2. Character Style: चुने हुए शब्दों का Font, Size और Color बदलता है।
3. Page Style: Page Size, Margin और Orientation तय करता है।
उदाहरण: Heading 1 Style लगाने पर सभी मुख्य शीर्षक एक समान दिखते हैं।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 1: डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन (उन्नत) · 3 अंक
प्रश्न 3. LibreOffice Writer में Template क्या होते हैं?
उत्तर:
Template एक पहले से तैयार Document का नमूना होता है, जिसमें Page Layout, Styles और जरूरी Formatting सेट रहती है।
1. इससे नया Document जल्दी तैयार होता है।
2. एक जैसे दस्तावेजों का Design समान रहता है।
3. बार-बार Formatting करने की जरूरत कम होती है।
उदाहरण: Resume, Letter और Report के Template।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 1: डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन (उन्नत) · 5 अंक
प्रश्न 1. LibreOffice Writer में Table of Contents क्या है?
उत्तर:
Table of Contents (विषय-सूची) दस्तावेज के मुख्य शीर्षकों और उनके Page Numbers की व्यवस्थित सूची है। यह विशेष रूप से लंबी Reports और Books में उपयोगी है।
मुख्य विशेषताएँ:
1. पाठक को किसी अध्याय तक जल्दी पहुँचने में सहायता मिलती है।
2. यह Heading Styles के आधार पर अपने आप बन सकती है।
3. दस्तावेज में बदलाव होने पर इसे Update किया जा सकता है।
बनाने की सामान्य विधि:
1. अध्याय शीर्षकों पर Heading 1, Heading 2 जैसे Styles लगाएँ।
2. Cursor उस स्थान पर रखें जहाँ विषय-सूची चाहिए।
3. Insert → Table of Contents and Index → Table of Contents, Index or Bibliography खोलें।
4. Type में Table of Contents चुनकर OK करें।
उदाहरण: किसी Project Report में Introduction, Methodology और Conclusion के Page Numbers।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 1: डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन (उन्नत) · 5 अंक
प्रश्न 2. LibreOffice Writer में Track Changes क्या है?
उत्तर:
Track Changes ऐसी सुविधा है जिससे Document में किए गए बदलावों का रिकॉर्ड रखा जाता है। इससे पता चलता है कि कौन-सा Text जोड़ा, हटाया या बदला गया।
उपयोग:
1. शिक्षक विद्यार्थी की Report में सुधार सुझा सकते हैं।
2. कई लोग एक ही Document की समीक्षा कर सकते हैं।
3. मूल सामग्री और संशोधन में अंतर देखा जा सकता है।
मुख्य चरण:
1. Edit → Track Changes → Record चुनें।
2. Document में Text जोड़ें या हटाएँ।
3. बदलाव देखने के लिए Edit → Track Changes → Show का उपयोग करें।
4. आवश्यकता अनुसार Accept या Reject करके संशोधन स्वीकार या अस्वीकार करें।
उदाहरण: Report में गलत शब्द हटाने पर वह बदलाव समीक्षा के लिए दिखाई देता है।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 1: डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन (उन्नत) · 7 अंक
प्रश्न 1. LibreOffice Writer में Template बनाने के चरण लिखिए।
उत्तर:
Template ऐसा नमूना Document है जिसकी Formatting का उपयोग बार-बार नए Documents बनाने में किया जाता है।
Template बनाने के चरण:
1. LibreOffice Writer खोलें और नया Document बनाएँ।
2. Page Size, Margin, Orientation तथा जरूरत के अनुसार Header और Footer सेट करें।
3. Heading, Paragraph, Font और Spacing के लिए Styles निर्धारित करें।
4. यदि आवश्यक हो तो Logo, Table या स्थायी Text जोड़ें।
5. File → Templates → Save as Template विकल्प खोलें।
6. Template का नाम लिखें और उपयुक्त Category चुनें।
7. Save पर क्लिक करें।
8. बाद में File → New → Templates से इसे चुनकर नया Document बनाएँ।
उदाहरण: स्कूल के Letterhead का Template बनाकर सभी पत्र एक ही Format में तैयार किए जा सकते हैं।
लाभ: समय बचता है, Formatting एक जैसी रहती है और गलतियाँ कम होती हैं।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 1: डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन (उन्नत) · 7 अंक
प्रश्न 2. LibreOffice Writer में पहले से बने Template को उपयोग करने के चरण लिखिए।
उत्तर:
पहले से बने Template का उपयोग करके बिना शुरुआत से Design बनाए नया Document तैयार किया जा सकता है।
चरण:
1. LibreOffice Writer खोलें।
2. File → New → Templates विकल्प चुनें; कुछ Versions में Ctrl+Shift+N से Template Manager खुलता है।
3. Template Manager में उपयुक्त Category देखें।
4. उपलब्ध Templates में से Resume, Letter या Report जैसा Template चुनें।
5. चुने हुए Template को Double-click करें या Open करें।
6. Template के आधार पर नया Document खुलेगा।
7. नमूना Text को अपने नाम, तारीख और अन्य जानकारी से बदलें।
8. आवश्यकता अनुसार सामग्री संपादित करें, लेकिन जरूरी Styles बनाए रखें।
9. File → Save As से नए नाम और स्थान पर Document Save करें।
उदाहरण: Resume Template में अपनी शिक्षा और अनुभव भरकर व्यक्तिगत Resume तैयार करना।
ध्यान दें: नया Document Save करने से मूल Template सामान्यतः नहीं बदलता।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 2: इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेडशीट (उन्नत) · 3 अंक
प्रश्न 1. LibreOffice Calc में Consolidate क्या है?
उत्तर:
Consolidate LibreOffice Calc की सुविधा है, जो अलग-अलग Cells या Ranges के Data को जोड़कर एक Summary बनाती है।
1. कई Sheets के आँकड़ों का कुल निकाला जा सकता है।
2. Sum, Average और Count जैसे Functions उपयोग किए जा सकते हैं।
3. इससे अलग-अलग महीनों की Reports एक जगह तैयार होती हैं।
उदाहरण: जनवरी, फरवरी और मार्च की बिक्री को मिलाकर कुल बिक्री निकालना।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 2: इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेडशीट (उन्नत) · 3 अंक
प्रश्न 2. LibreOffice Calc में Scenario क्या है?
उत्तर:
Scenario Calc की What-if Analysis सुविधा है। इसमें अलग-अलग Input Values रखकर परिणाम की तुलना की जाती है।
1. एक ही Sheet में विभिन्न परिस्थितियाँ जाँची जा सकती हैं।
2. Original Data को बार-बार हाथ से बदलने की जरूरत कम होती है।
3. निर्णय लेने में सहायता मिलती है।
उदाहरण: बिक्री 100, 150 और 200 Units होने पर अनुमानित Profit की तुलना करना।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 2: इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेडशीट (उन्नत) · 5 अंक
प्रश्न 1. Goal Seek क्या है? समझाइए।
उत्तर:
Goal Seek LibreOffice Calc की What-if Analysis सुविधा है, जो किसी Formula का इच्छित परिणाम पाने के लिए एक Input Cell का आवश्यक मान खोजती है।
यह कब उपयोगी है?
1. जब लक्ष्य परिणाम पहले से तय हो।
2. जब Formula मौजूद हो, लेकिन Input Value पता न हो।
3. जब एक ही Variable बदलना हो।
उदाहरण: यदि B2 में Formula =A2*50 है और हमें B2 का परिणाम 5000 चाहिए, तो Goal Seek A2 के लिए 100 का मान खोज सकता है।
मुख्य चरण:
1. Formula वाला Cell तैयार करें।
2. Tools → Goal Seek खोलें।
3. Formula Cell, Target Value और Variable Cell चुनें।
4. OK करें और प्रस्तावित मान स्वीकार करें।
ध्यान दें: Goal Seek एक समय में एक Variable Cell का मान बदलता है।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 2: इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेडशीट (उन्नत) · 5 अंक
प्रश्न 2. Macro से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
Macro निर्देशों या Commands का ऐसा समूह है जो बार-बार किए जाने वाले कार्यों को अपने आप पूरा कर सकता है। LibreOffice में Macros का उपयोग कार्यों को तेज और एक समान बनाने के लिए किया जाता है।
मुख्य उपयोग:
1. बार-बार होने वाली Formatting को Automate करना।
2. Data Processing के नियमित कार्य करना।
3. समय बचाना और मानवीय त्रुटियाँ कम करना।
4. एक ही प्रक्रिया कई बार समान तरीके से चलाना।
Macro रिकॉर्ड करने की सामान्य विधि:
1. यदि उपलब्ध हो तो Tools → Macros → Record Macro चुनें।
2. आवश्यक क्रियाएँ करें।
3. Stop Recording करके Macro Save करें।
4. बाद में Macro Run करें।
सावधानी: अनजान स्रोत से मिले Macros सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकते हैं; केवल भरोसेमंद Macros चलाएँ।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 2: इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेडशीट (उन्नत) · 5 अंक
प्रश्न 3. LibreOffice Calc में Sheet को Link करने के दो तरीके बताइए।
उत्तर:
LibreOffice Calc में Sheets को Link करने से एक Sheet का Data दूसरी Sheet में उपयोग किया जा सकता है।
तरीका 1: Cell Reference द्वारा Link
1. जिस Cell में परिणाम चाहिए उसे चुनें।
2. = लिखकर दूसरी Sheet के Cell का Reference दें।
3. उदाहरण: =Sheet2.A1 (Sheet के नाम के अनुसार Reference बदल सकता है)।
4. मूल Cell बदलने पर Linked Value भी बदल सकती है।
तरीका 2: Hyperlink द्वारा Link
1. Cell चुनें और Insert → Hyperlink खोलें।
2. Document विकल्प में उसी File की Sheet या Target चुनें।
3. Link Text और Target सेट करके Apply/OK करें।
4. Link पर क्लिक करके संबंधित Sheet तक जाएँ।
अंतर: Cell Reference डेटा का मान दिखाता है, जबकि Hyperlink किसी स्थान तक पहुँचाता है।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 2: इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेडशीट (उन्नत) · 7 अंक
प्रश्न 1. Relative और Absolute Hyperlink क्या हैं?
उत्तर:
Hyperlink किसी Webpage, File या Document के स्थान तक पहुँचने वाला Link है। File के Path के आधार पर इसके दो प्रमुख प्रकार होते हैं।
1. Absolute Hyperlink:
इसमें लक्ष्य का पूरा Address या Path दिया जाता है।
उदाहरण: https://example.com/notes.pdf या C:\School\Notes\chapter1.pdf
विशेषता: पूरा पता होने से Link का लक्ष्य स्पष्ट रहता है, लेकिन File स्थान बदलने पर Link टूट सकता है।
2. Relative Hyperlink:
इसमें लक्ष्य का पता वर्तमान Document के स्थान के सापेक्ष दिया जाता है।
उदाहरण: notes/chapter1.pdf
विशेषता: संबंधित Folder Structure साथ रखने पर Files दूसरी जगह ले जाने के बाद भी Link काम कर सकता है।
मुख्य अंतर:
1. Absolute में पूरा Address होता है; Relative में सापेक्ष Path होता है।
2. Absolute बाहरी Website के लिए उपयोगी है; Relative एक Project की स्थानीय Files के लिए उपयोगी है।
3. Relative Links में Folder Structure बनाए रखना आवश्यक है।
उदाहरण: स्कूल की Website में images/logo.png एक Relative Path है, जबकि https://example.com/images/logo.png Absolute URL है।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 2: इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेडशीट (उन्नत) · 7 अंक
प्रश्न 2. Data Consolidate करने के चरण लिखिए।
उत्तर:
Data Consolidation अलग-अलग Ranges या Sheets के Data का संयुक्त परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया है।
LibreOffice Calc में चरण:
1. Calc में उन Sheets को खोलें जिनका Data जोड़ना है।
2. सुनिश्चित करें कि संबंधित Ranges का Layout और Headings उपयुक्त हों।
3. उस Sheet और Cell को चुनें जहाँ Summary दिखानी है।
4. Data → Consolidate विकल्प खोलें।
5. Function सूची से Sum, Average, Count आदि चुनें।
6. Source Data Range चुनकर Add पर क्लिक करें।
7. अन्य Sheets या Ranges के लिए भी Source Range जोड़ें।
8. आवश्यकता हो तो Row Labels और Column Labels के विकल्प चुनें।
9. Copy Results To में Destination Range की जाँच करें।
10. OK दबाएँ और प्राप्त Summary सत्यापित करें।
उदाहरण: तीन अलग-अलग महीनों की बिक्री के आँकड़े जोड़कर कुल तिमाही बिक्री निकालना।
सावधानी: गलत Ranges या अलग Layout होने पर Summary गलत हो सकती है।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 2: इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेडशीट (उन्नत) · 7 अंक
प्रश्न 3. Goal Seek के चरण लिखिए।
उत्तर:
Goal Seek का उपयोग Formula के निर्धारित परिणाम के लिए एक Variable Cell का मान खोजने में किया जाता है।
चरण:
1. LibreOffice Calc खोलें।
2. Input Cell में प्रारंभिक मान लिखें, जैसे A2 में 50।
3. Formula Cell में Formula बनाएँ, जैसे B2 में =A2*40।
4. तय करें कि Formula का परिणाम कितना चाहिए, जैसे 4000।
5. Tools → Goal Seek विकल्प चुनें।
6. Formula Cell में B2 का Reference दें।
7. Target Value में 4000 लिखें।
8. Variable Cell में A2 का Reference दें।
9. OK दबाएँ। Calc आवश्यक Input Value की गणना करेगा।
10. परिणाम सही लगे तो Yes/Accept से उसे Sheet में लागू करें।
इस उदाहरण में A2 का आवश्यक मान 100 होगा, क्योंकि 100 × 40 = 4000।
ध्यान दें: Formula Cell में पहले से वैध Formula होना चाहिए और Variable Cell को Formula प्रभावित करना चाहिए।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 3: डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम · 3 अंक
प्रश्न 1. Data और सूचना से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
Data (डेटा) कच्चे तथ्य, संख्याएँ या संकेत होते हैं जिनका अपने आप में पूरा अर्थ स्पष्ट नहीं हो सकता। Information (सूचना) वह Data है जिसे व्यवस्थित और Process करके उपयोगी अर्थ दिया गया हो।
उदाहरण: 45, 60, 75 विद्यार्थियों के Marks Data हैं। इनका Average 60 बताना Information है।
अंतर: Data Input होता है, जबकि Information Processed Output होता है।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 3: डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम · 3 अंक
प्रश्न 2. Database Management System (DBMS) क्या है?
उत्तर:
Database Management System (DBMS) ऐसा Software है जो Database में Data को Store, Organize, Search, Update और Delete करने में सहायता करता है।
मुख्य कार्य:
1. Data को व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखना।
2. जरूरत के अनुसार Data खोजना और बदलना।
3. Access Control तथा Data Management में सहायता करना।
उदाहरण: LibreOffice Base, MySQL और PostgreSQL।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 3: डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम · 3 अंक
प्रश्न 3. RDBMS से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
RDBMS का पूरा नाम Relational Database Management System है। इसमें Data को Rows और Columns वाली Tables में रखा जाता है तथा संबंधित Tables के बीच संबंध स्थापित किए जा सकते हैं।
मुख्य विशेषताएँ:
1. Data Tables में व्यवस्थित रहता है।
2. Primary Key और Foreign Key से Tables जुड़ सकती हैं।
3. SQL द्वारा Data पर काम किया जा सकता है।
उदाहरण: MySQL और PostgreSQL।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 3: डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम · 3 अंक
प्रश्न 4. Database में Keys का क्या उपयोग होता है?
उत्तर:
Database में Keys का उपयोग Records की पहचान करने और Tables के बीच संबंध बनाने के लिए होता है।
1. Primary Key: प्रत्येक Record की अलग पहचान करती है।
2. Foreign Key: एक Table को दूसरी संबंधित Table से जोड़ती है।
3. Unique Key/Constraint: किसी Column में Duplicate Values रोकने में सहायता करता है।
उदाहरण: Students Table में Student_ID Primary Key हो सकती है।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 3: डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम · 5 अंक
प्रश्न 1. LibreOffice Base में Table, Form, Query और Report का क्या उपयोग है?
उत्तर:
LibreOffice Base में Database के चार मुख्य Objects होते हैं।
1. Table: Data को Rows और Columns में Store करती है। उदाहरण: Students Table में Roll No, Name और Class।
2. Form: Data Entry और Editing के लिए आसान Interface देता है। उदाहरण: Student Admission Form।
3. Query: शर्तों के आधार पर आवश्यक Records निकालती है। उदाहरण: Class 10 के विद्यार्थियों की सूची।
4. Report: Data को व्यवस्थित, पढ़ने और Print करने योग्य रूप में प्रस्तुत करती है। उदाहरण: मासिक उपस्थिति Report।
इनका संबंध: Table में Data रहता है, Form से Data भरा जाता है, Query से चुना जाता है और Report से प्रस्तुत किया जाता है।
लाभ: Database का उपयोग सरल, तेज और व्यवस्थित हो जाता है।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 3: डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम · 5 अंक
प्रश्न 2. Data Types क्या होते हैं? समझाइए।
उत्तर:
Data Type यह निर्धारित करता है कि किसी Database Field में किस प्रकार का Data रखा जा सकता है। सही Data Type चुनने से Data का Storage और Validation बेहतर होता है।
प्रमुख Data Types:
1. Integer: पूर्णांक संख्याएँ, जैसे Age = 16।
2. Decimal/Numeric: दशमलव संख्याएँ, जैसे Fees = 1250.50।
3. Text/VARCHAR: नाम या पता, जैसे Name = Ravi।
4. Date: तारीख, जैसे 2026-11-01।
5. Time: समय, जैसे 10:30:00।
6. Boolean: True/False जैसे मान।
उदाहरण: Students Table में Roll_No के लिए Integer, Name के लिए Text और DOB के लिए Date चुन सकते हैं।
ध्यान दें: उपलब्ध Data Types Database Engine के अनुसार थोड़े अलग हो सकते हैं।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 3: डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम · 5 अंक
प्रश्न 3. Database में Redundancy और Inconsistency क्या होती है?
उत्तर:
Data Redundancy और Data Inconsistency Database की दो समस्याएँ हैं।
1. Data Redundancy: एक ही जानकारी का अनावश्यक रूप से कई जगह Store होना।
उदाहरण: विद्यार्थी का Mobile Number कई Tables में बार-बार रखना।
2. Data Inconsistency: एक ही जानकारी की अलग-अलग जगह अलग Values होना।
उदाहरण: एक Table में Mobile Number 9876543210 और दूसरी में पुराना Number होना।
हानियाँ:
1. Storage की बर्बादी।
2. Data Update करने में कठिनाई।
3. गलत Reports और निर्णय।
समाधान:
1. उचित Table Design और Normalization अपनाएँ।
2. Primary/Foreign Keys का उपयोग करें।
3. Data को जरूरत के अनुसार एक ही विश्वसनीय स्थान पर रखें।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 3: डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम · 7 अंक
प्रश्न 1. LibreOffice Base में Wizard का उपयोग करके Table कैसे बनाते हैं?
उत्तर:
LibreOffice Base में Table Wizard पहले से उपलब्ध Field Templates की सहायता से Table बनाने की सुविधा देता है।
चरण:
1. LibreOffice Base खोलें और नया Database बनाएँ या मौजूदा Database खोलें।
2. Database Window में बाईं ओर Tables विकल्प चुनें।
3. Use Wizard to Create Table पर क्लिक करें।
4. Table की Category चुनें, जैसे Business या Personal।
5. Sample Tables में से उपयुक्त Table चुनें।
6. Available Fields में से आवश्यक Fields चुनकर Selected Fields में भेजें।
7. जरूरत के अनुसार Field Name और Data Type की Settings जाँचें।
8. Primary Key निर्धारित करें; संभव हो तो AutoValue वाली ID Field चुनें।
9. Table का नाम लिखें, जैसे Students।
10. Finish पर क्लिक करके Table Save करें।
11. Table खोलकर Records दर्ज करें और जाँचें।
उदाहरण: Students Table में Student_ID, Name, Class और DOB Fields रख सकते हैं।
लाभ: शुरुआती विद्यार्थियों के लिए Table Structure बनाना आसान हो जाता है।
व्यावसायिक कौशल (भाग-B) · Unit 4: कार्यस्थल पर स्वस्थ, सुरक्षित और संरक्षित वातावरण का रखरखाव · 7 अंक
प्रश्न 1. कार्पल टनल सिंड्रोम क्या है? समझाइए।
उत्तर:
Carpal Tunnel Syndrome (CTS) हाथ की कलाई से गुजरने वाली Median Nerve पर दबाव पड़ने से होने वाली समस्या है। इससे हाथ और उँगलियों में झनझनाहट, सुन्नपन या दर्द हो सकता है।
मुख्य लक्षण:
1. अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा उँगली में झनझनाहट या सुन्नपन।
2. कलाई या हाथ में दर्द, जो रात में बढ़ सकता है।
3. पकड़ कमजोर होना और वस्तुएँ छूटना।
संभावित जोखिम कारक:
1. कलाई को लंबे समय तक असुविधाजनक स्थिति में रखना।
2. बार-बार हाथ से होने वाले कार्य तथा कुछ स्वास्थ्य स्थितियाँ।
3. कलाई में सूजन या चोट।
बचाव और कार्यस्थल की सावधानियाँ:
1. Keyboard और Mouse इस्तेमाल करते समय कलाई को यथासंभव सीधा रखें।
2. बीच-बीच में छोटे Break लें और कार्य करने की स्थिति बदलें।
3. Chair, Desk और Input Devices को आरामदायक ऊँचाई पर रखें।
4. लगातार दर्द या सुन्नपन होने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
ध्यान दें: केवल Computer इस्तेमाल करने से हर व्यक्ति को CTS नहीं होता; इसका निदान डॉक्टर करते हैं।
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प्रश्न 2. अग्निशामक यंत्र क्या होते हैं? समझाइए।
उत्तर:
अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) ऐसा सुरक्षा उपकरण है जिसका उपयोग शुरुआती अवस्था की छोटी आग बुझाने या नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। अलग-अलग आग के लिए उपयुक्त Extinguisher चुनना आवश्यक है।
प्रमुख प्रकार:
1. Water Extinguisher: सामान्य ठोस पदार्थों की कुछ आग के लिए; बिजली वाले उपकरणों पर सामान्य Water Extinguisher का उपयोग न करें।
2. Foam Extinguisher: उपयुक्त Class की ठोस और ज्वलनशील तरल पदार्थों की आग के लिए।
3. CO₂ Extinguisher: कुछ Electrical Equipment और ज्वलनशील तरल की आग के लिए।
4. Dry Powder Extinguisher: उसके Label पर दर्शाई गई Fire Classes के अनुसार उपयोग किया जाता है।
उपयोग की सामान्य PASS विधि:
P – Pull: Safety Pin निकालें।
A – Aim: आग के आधार की ओर Nozzle करें।
S – Squeeze: Handle दबाएँ।
S – Sweep: Nozzle को आधार पर दाएँ-बाएँ घुमाएँ।
सुरक्षा सावधानियाँ:
1. पहले Alarm दें और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालें।
2. केवल प्रशिक्षित होने, आग छोटी होने और सुरक्षित Exit उपलब्ध होने पर ही Extinguisher इस्तेमाल करें।
3. धुआँ अधिक हो या आग फैल रही हो तो तुरंत बाहर निकलें और Fire Service को सूचना दें।
4. उपकरण का Inspection, Expiry/Service और Fire-Class Label नियमित जाँचें।
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